कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- नारी पूछ रही बार-बार निर्भया कांड क्यों....??
नारी पूछ रही बार-बार निर्भया कांड क्यों....??
बार बार निर्भया कांड क्यों पूछ रही है नारी,
कब तक यूँ सरे आम इज्जत लुटती रहेगी हमारी।1।
लाखों खड़े हैं हैवान चिरहरण करने को,
क्यों कोई नहीं आता हमारे पक्ष में लड़ने को।2।
ना लिखो तुम नारी की मजबूरी को,
हिम्मत है तो लिखो उसकी बहादुरी को।3।
मैं सबके सामने हालत बयाँ कर रही हूँ।
मैं अब तड़प-तडप के मर रही हूँ।4।
कौन रोकेगा तूफान को तुम्हारे घर तक आने से,
गवाह बन जाओगे खुद एक बार लाचर होने से।5।
आज और अभी सरकार बस एक नियम लागू करा दे,
उन सभी बलात्कारियों का फांसी मुकर्रर कर दे।6।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम- निठोरा,पो.- थरगाँव
तह.- कसडोल,जिला- बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- Sachinnishad343@gmail.com
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