कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- दोस्ती हो तो ऐसी
दोस्ती हो तो ऐसी
दोस्ती हो तो ऐसी,
दोस्ती का प्यार है कैसी।
दोस्ती में रूठना मनाना,
लगा रहता है सदा ऐसी।1।
दोस्ती का रिश्ता होता है,
प्यार और भावनात्मक का।
एक दोस्त दूसरे दोस्त का,
सदा प्यार से रखते ख्याल।2।
सभी राज बताया जाता,
यहीं तो है दोस्ती का नाता।
जब भी याद करो मुसीबत में,
चारों ओर दोस्त ही नजर आता।3
अनजान भी दोस्त बन जाता है,
उम्र के साथ विश्वास बढ़ता जाता है।
दोस्ती का कदर एक दोस्त ही जाने,
दोस्ती में विश्वास और प्यार बढ़ जाता है।4।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम- निठोरा,पो.- थरगाँव
तह.- कसडोल,जिला- बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- Sachinnishad343@gmail.com
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