कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- किसान
किसान
जिसके कंधे पर बोझ बढ़ा,
वो भारत माॅं का बेटा कौन ?।
जिसने पसीने से भूमि को सौंदा,
वो भारत माॅं का बेटा कौन ?।
वह किसी का गुलाम नहीं,
अपने दम पर जीता है,
सफलता एक-एक ही सही,
तभी तो किसान कहलाता है ।
भारत है किसानों का देश।
किसान हल लेकर जाते खेत।
किसान से सजता खेत खलिहान।
तेज धूप मे हल चलाते।
किसन नेत्र सजल से।
किसान खेत मे मेहनत करते।
तभी मिल पाता हमको अन्न।
किसान भी उठ जाता है।
खेत है हमारी माॅं के समान।
किस्मत के सहारे जीता है।
धरती माॅं की ये संतान।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम- निठोरा,पो.- थरगाँव
तह.- कसडोल,जिला- बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- Sachinnishad343@gmail.com
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