कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- बसंत ॠतु का आगमन
बसंत ॠतु का आगमन
सबका हृदय खिल जाएगा,
मस्ती में सब गीत गाएगा।
नाचे गाए सब मन बहलाए,
जब बसंत अपना रंग दिखाए।1।
खिल कर वो गुलाब का फूल,
चारो दिशाओं मे खूशबू फैलाए।
प्रकृति भी नये रूप दिखाए,
जब बसंत अपना रंग दिखाए।2।
समय बीत जाने पर बहुत पछताओगे,
समय का सही उपयोग नहीं कर पाओगे।
जो समझ नहीं पाता समय का मोल,
वो कर नहीं पाता कभी अच्छा काम।3।
मौसम पल पल बदलता रहता है,
कभी सर्दी कभी गर्मी और कभी बरसात।
अब के मौसम है बसंत की बहार,
यही मौसम तो है पसंद की बहार।4।
हर तरफ है सुर संगीत का वादन,
माता सरस्वती का संगीतमय अभिवादन।
ऐसी है बसंत ऋतु की सौगात,
सजी है धरती पर सुहावनी बारात।5।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम- निठोरा,पो.- थरगाँव
तह.- कसडोल,जिला- बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- Sachinnishad343@gmail.com
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