कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- फागुन की होली
फागुन की होली
होली का पर्व आने वाला है।
खुशी का गीत गाने वाला है।
राधा का रंग और कान्हा की पिचकारी,
प्यार के रंग से रंग दो दुनिया सारी।1।
होली में मिल-जुल के नाचे गायेगें।
*परमानंद* को सतरंगी रंग लगायेगें।
झूम-झूम के होली का मजा उठायेगें।
होली का रंग हम मिलके लगायेगें।2।
सतरंगी रंग न जाने जात और पात।
गुलाल की रंग से खत्म हो जाते पुराने घात।
जीवन रंग को महकाती आनंद उल्लास से,
जीवन महक उठता है एक-दूसरे के विश्वास से।3।
होली पे हर गिले शिकवे को भूला दो,
जीवन में प्रेम रूपी प्रकाश फैला दो,
राधा का रंग और कान्हा की पिचकारी,
प्यार के रंग से रंग दो दुनिया सारी।4।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम- निठोरा,पो.- थरगाँव
तह.- कसडोल,जिला- बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- Sachinnishad343@gmail.com
0 Response to "कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- फागुन की होली"
एक टिप्पणी भेजें