क्रमाॅंक:- 140, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छत्तीसगढ़ी गीत- गोरी तोर मीठ बोली
गोरी तोर मीठ बोली
लय
ओ,हो,हो,हो,ला,ला,ला,ला
ला,ला,ला,ला,ला,ला, ला
तर्ज
गोरी तोर मीठ बोली बड़ नीक लागे ओ।
फूल कस हंसी तोर मन ल मोर भागे ओ।
पद:-1
दीवाना मोला अपन बनाये ओ,
अपन मया म मोला फंसाये ओ।
रही-रही मन ल मोर धड़काये ओ।
तोर कजरारी नैना,होंठ हावय लाली।
माथा के तोर बिंदिया लाली,
तोर कान के झूले बाली।_2
पद:-2
देखत रहिथव रात-दिन गोरी तोर सपना ओ।
तय मोर सजनी अऊ मय तोर सजना ओ।
मया पिरीत के तय मोर दीवानी ओ।
जनम-जनम के बनाऊॅं तोला अपन रानी ओ।
मया पिरीत के डोरी म बंधा के,
तोला लाहूॅं मोर अंगना रानी,
तोला बना के अपन रानी।
पद:-3
अपन मया ल मिलके आघू बढ़ाबो।
घर कुरिया ल मिलके सजाबो।
मया के घर म फूल उगाबो।
जनम-जनम के साथ निभाबो।
जनम-जनम के बनगे नाता,
हमर जोड़ी लागय राम-सीता।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
8435298085
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
0 Response to "क्रमाॅंक:- 140, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छत्तीसगढ़ी गीत- गोरी तोर मीठ बोली "
एक टिप्पणी भेजें