क्रमाॅंक:- 146, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- बन जा मोर जीवनसंगिनी
बन जा मोर जीवनसंगिनी
मुरली की धुन मन को भाने लगी है,
तेरी तस्वीर मुझे नजर आने लगी है।१।
मेरे मन में बस गई हो स्वीटी रानी,
राधा माॅं के घर में जन्मीं लक्ष्मी रानी।२।
नैनों में बस गई हो मेरी दीवानी,
तुझे बनाऊॅंगा अपनी जीवनसंगिनी।३।
'प्रिय' के मन में घर कर गई स्वीटी रानी,
अब बन जा तू मेरी अर्धांगिनी।४।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
8435298085
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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