क्रमाॅंक:- 162, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- इंसानियत
इंसानियत
मेरी नज़रें इंसानियत ढूंढती है।
नहीं मिलेगी फिर भी ढूंढती है।।
सबके दिलों में इंसानियत जगाना होगा,
हैवानों में इंसानियत कौन ढूंढता है।।
तू आजाद है खुल के जी ले जिंदगी।
कौन मुस्कुराने की वजह ढूंढता है।।
इस जालिम दुनिया में जी रहे और,
पत्थर दिल में भगवान ढूंढता है।।
यह दुनिया हैवानों से भरे पड़े हैं और,
इंसान अपने अंदर इंसानियत ढूंढता है।।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
8435298085
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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