क्रमाॅंक:- 175, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- माॅं बिन जन्म नहीं होता
माॅं बिन जन्म नहीं होता
माॅं की ऑंचल कभी धूप नहीं देती।
माॅं बच्चों को कभी दुख नहीं देती।
माॅं की ममता है गागर में सागर।
माॅं बिन संसार में जन्म नहीं होती।
माॅं हर काम मुस्कुराते कर लेती है।
लेकिन बच्चों को काम करने नहीं देती।
आज कह रहा मुझसे जर्रा-जर्रा।
माॅं कभी बच्चों को ऑंसू नहीं देती।
माॅं के गर्भ से इस दुनिया में आया।
माॅं नहीं होती तो जन्म नहीं होती।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
8435298085
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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