क्रमाॅंक:- 190, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष(दोहा छंद) रचना- वतन के रखवाले
वतन के रखवाले
जो चाहा हिंद का बुरा, बुरा नाहि कर पाय।
दिल से सेवा जो करें, बुरा कभी ना होय।१।
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मानव सच्चा चाहिए, जैसे वीर जवान।
रखे सुरक्षित देश को, हो जवान कुर्बान।२।
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शान तिरंगा देश की, और देश की मान।
और तिरंगा से बना, हम सबकी पहचान।३।
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दोस पराये देत जो, घर को देखा नाहिं।
अपनों ने बेचा वतन,दुश्मन हाथों काहि।४।
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दिल से चाहा जो वतन, भारत बेटा होय।
खुन बहाये देश हित, तभी आजाद होय।५।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
8435298085
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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