क्रमाॅंक:- 204, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- परिवार
परिवार
खुशियों की बहार,
मिलता है परिवार से।
जिससे हमें संस्कार मिला,
माता-पिता,के आशीर्वाद से।१।
परिवार से बढ़ता है खुशी,
जब एकता हो परिवार में।
खुशियाँ मिलती है अपार।
सदा प्रेम बरसता परिवार में।२।
जब साथ हो परिवार तो,
मजा बहुत आता है।
बच्चों के चेहरे पर सदा,
मुस्कान नजर आता है।३।
सुंदर है परिवार मेरा,
मिल-जुलकर रहते हैं।
हमको खुशियाँ मिलती,
जब परिवार साथ रहते हैं।४।
परिवार मेरा कुंजी है,
खुशियाँ इसकी धन है।
मेरे इस परिवार में रहते,
माता-पिता की पूँजी है।५।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.comक
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