क्रमाॅंक:- 207, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- कान्हा तेरी बाॅंसुरी
कान्हा तेरी बाॅंसुरी
छवि मनमोहक साॅंवरे, मुख पर है मुस्कान।
मोहन माखन चोर है, कहलाते भगवान।१।
लिए हाथ में बाॉंसुरी, सिर में मयूर पंख।
मधुर बजाते बाॅंसुरी, शोर मचाते शंख।२।
मोहन राधा प्रेम का, निश्छल करते प्यार।
पुत्र यशोदा देवकी, जग के पालनहार।३।
मन में माखन चोर ये, करे सदा ही वास।
करते हरदम भक्त ही, मोहन पर विश्वास।४।
पड़े गोपियाॅं प्रेम में, ब्रिज का राजा ग्वाल।
प्रभु सदैव रक्षा करो, पुत्र यशोदा लाल।५।
करे निवेदन आपसे, हाथ सदा प्रिय जोड़।
पार लगाना आप ही, चाहे जो हो मोड़।६।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
8435298085
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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