क्रमाॅंक:- 236, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- मैं हवा हूँ
सुबह की प्यारी ठंडी हवा;
चलती खेतों में लहराती हुई।
मैं बावली अनोखी हवा हूँ;
गर्मी में पत्तों को गिराती हूई।
मैं मतवाली हवा झूम रही हूँ;
जिधर चाहती उधर जा रही हूँ।
मैं मनचली हवा का झोंका हूँ;
सुबह की ताजी हवा दे रही हूँ।
सुबह की ताजी हवा चल रही हूँ;
दूर करती हूँ सबकी रोग।
मैं बावली मनचली हवा हूँ;
सबको करती हूँ मैं निरोग।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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