क्रमाॅंक:- 249, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- गाँव से शहर की ओर
गाँव अब गाँव ना रहा,
शहर का रूप ले रहा।
गाँव के सभी लोग अब,
शहर में पलायन हो रहा।1।
दिल में छोटी-सी कश्ती है,
जो खोई बड़ी लहर में है।
समय बीता बच्चे बड़े हुए,
अब गाँव छोड़ शहर में है।2।
शहर के कल-कारखाने अब,
गाँव को प्रदूषित कर रहा है।
शहर के कोलाहल गाँव में,
तेजी से अब फैल रहा है।3।
शहरों की पहनावा गाँव के,
गली-चौराहा में दिखने लगा है।
शहरों की रौनक को देख,
गाँव को अब छोड़ने लगा हैं।4।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
0 Response to "क्रमाॅंक:- 249, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- गाँव से शहर की ओर"
एक टिप्पणी भेजें