क्रमाॅंक:- 262, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- अन्नदाता किसान
सुबह उठकर खेत में; काम करते किसान।
धूप चाहे बरसात हो; अन्न उगाते किसान।1।
करना हमें सम्मान है; अन्न देत हैं आज।
पुण्य कर्म सदा करें; सफल होत है काज।2।
व्याकुल होता पेट तो; अन्न से मिटता भूख।
मनुज जो हारे भूख से; मिलता रहता दु:ख।3।
माँ भारती सपूत है; ऐ भूमिपुत्र किसान।
भूख मिटाये अन्न से; उस पर है अभिमान।4।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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