क्रमाॅंक:- 267, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- घपटे हे बादर
बादर अब्बड़ घपटे हावै।
जाड़ म सब ठिठुरत हावै।।
घर घर म सबके संगी।
गोरसी म आगी बारत हावै।।
घपटे हे बादर जाड़ के मारे।
बिन नहाय भूख मिटावत हावै।।
सब मेनखे मन घर म खुसरे हावै।
सुख दुख के गोठ गोठियावत हावै।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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