क्रमाॅंक:- 274, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- मातृभाषा हिंदी
हिंद देश की शान है हिंदी।
हिंद देश की आन है हिंदी।
हिंद देश को मिल रहा है;
हिंद देश का पहचान हिंदी।
हिंद देश की मातृभाषा हिंदी।
सदा बोलो मातृभाषा हिंदी।
हिंद देश की सदा शान रहे;
अंग्रेजी छोड़कर बोलो हिंदी।
ब्याकरण सिखाता है हिंदी।
तुकबंदी का भाव है हिंदी।
'प्रिय' के रचना को मिला।
सदैव सम्मान भाषा हिंदी।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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