क्रमाॅंक:- 279, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- औरत खिलौना नहीं

क्रमाॅंक:- 279, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- औरत खिलौना नहीं

भारत  संस्कारों का  देश है;
जहाँ स्त्री को देवी मानते हैं।
आज  उस  भारत  देश  में;
महिलाएं सुरक्षित  नहीं है।

आज  हैवानों  के  नजर  में;
महिलाएं  एक खिलौना  है।
चीर-फाड़  के  रूह  उनकी;
जिंदा  जलाकर  मारते  हैं।

समाज में वो ताकत नहीं अब,
स्त्रियों  को देवी का  दर्जा दें।
हैवानों ने मिलकर लूटा रूह।
भारत  के  बेटी  निर्भया  की।

माँ ने जब न्याय माँगा तो;
लग  गये  पूरे  दस  साल।
निर्भया,प्रियंका कितनों ही,
हैवानों का शिकार हुए हर साल।

ताकत  बनो  नारियों  का;
अब अन्याय  सहना नहीं।
हैवानों को चुन-चुन के मारो;
इतना आजादी हमें सरकार दें।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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