क्रमाॅंक:- 307, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- माँ भारती के रखवाले
माँ भारती के पुत्र सीमा पर रहते तैनात।
दुश्मनों को बंदूक से हरदम करते बात।।
घर-घर जन्में वीर हैं भारत में माँ के शान।
तिरंगा लिए हाथ में भारत का बढ़ाते मान।।
हिंद देश के रक्षक है भारत माँ के पूत।
वतन बचाने के खातिर तत्पर वीर सपूत।।
माँ भारती के वीर जवान होते वतन पे कुर्बान।
वतन के लिए वीर देते जान बलिदान।।
तिरंगे को शान से शरहद पर फहराते।
तिरंगें को सम्मान से हाथों में लहराते।।
जग में बढ़ता आतंकवादी लड़ते सदा जवान।
माँ भारती के लाल पर हमको है अभिमान।।
हिंद देश भ्रष्टाचारों से घिरा हुआ है आज।
हिंद जवानों से देश बचा है हमको उनपे नाज।।
भारत के शान तिरंगा को झुकने नहीं देंगे।
रहकर सीमा पर तैनात दुश्मन मार गिरायेंगे।।
जवान रहते सीमा पर हरदम तैयार।
दुश्मनों को मारे खातिर लिए हाथ औजार।।
आतंकी हमला के कारण शहीद हुए जवान।
माँ भारती के रखवाले हैं हिंद के वीर जवान।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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