क्रमाॅंक:- 325, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- शिवरीनारायण मेला
शिवरीनारायण का मेला है,
शबरी श्रीराम का दरबार है।
घर परिवार बच्चों के साथ में,
बच्चें संग मस्ती और त्योहार है।।
मन पर मस्ती का खुमार।
खुब झूला झूलें ऊँचाईयाँ।
चेहरे पर डर का छाप नहीं,
खुब खाये गुपचुप व मिठाईयाँ।।
शिवरीनारायण मेला जब भी आता।
सबके मन में खुशियाँ छा जाता।
ऐसा लगता है कोई त्योहार हो,
शबरी श्रीराम का आशीर्वाद पाता।।
मेला में तो अपनापन सा लगता।
मेला देख सारे दुख,दर्द मिट जाता।
सदा ही मेला के इस भीड़ में,
माँ बच्चों के हाथों को थामें चलता।।
बच्चों के साथ मिलकर मजे लेते।
मेला में कई प्रकार के व्यंजन मिले
बहना तेरी मुख पर सदा मुस्कान रहे।
यूँ ही घर परिवार व रब का प्यार मिले।।
बहना भांजी के साथ में मिलकर,
फोटो लिया मेला में चेहरा बनाकर।
खुशियों से झूम उठे हैं बहना मेला में,
चमक रहा चेहरा खूब रोशनी फैलाकर।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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