क्रमाॅंक:- 337, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- पीड़ा पलायन का
सुख के जीवन भूलकर मेहनत करते रोज।
शरीर से पसीना बहाकर गरीब करता भोज।।
सारे समस्या भूल के दिल के बात बताऊँ।
अपने खुद के परिश्रम से जीवन को सजाऊँ।।
मेहनत करने को मजबूर हैं हल नहीं है मुस्कान।
जीवन तो बदल गया और बदला पहचान।।
बढ़ रहा है धीरे-धीरे पीड़ा पलायन आज।
सुंदर रिश्तों को भूलकर सारे करते काम।।
सही या गलत है पलायन मन से सोचो लोग।
काम करें विचार के सुख का मिले भोग।।
घर द्वार को छोड़कर करो नहीं पलायन।
पलायन कर छोड़े क्यों? अपना ये पहचान।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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