क्रमाॅंक:- 341, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- विडंबना

क्रमाॅंक:- 341, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- विडंबना

कैसी जगत विडंबना; जाए चारों ओर।
मन में काला सोच रख; फैलाते हैं शोर।1।

लोगों का ईमान तो; डोल रहा है आज।
मानव तन को काटते; बन इंसानी बाज।2।

जग में झूठा राज है; चोर बने हैं संत।
लोगों को इमान बता; करते पाप अनंत।3।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

0 Response to "क्रमाॅंक:- 341, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- विडंबना"

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article