क्रमाॅंक:- 356, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- पलाश जंगल की आग

क्रमाॅंक:- 356, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- पलाश जंगल की आग

वृक्ष  बढ़ा  पलाश  का; मन  में  लाय  बहार।
प्रिय जंगल की आग में; खिलता फूल हजार।1।

खिलता पलाश फूल को; तोड़े है इंसान।
वृक्ष पलाश फूल से; रंगों का पहचान।2।

होली खेले शान है से; पले कीट भंडार।
दिखता सुंदर पलाश से; रंग गये संसार।

पलाश गुणों का खान है; फूलों का वो भार।
प्रेम रुपी रसधार से; सबको लगाय पार।4।

सबके हृदय मोहित कर; चढ़ता पलाश रंग।
करें सदा उपयोग में; होली औषध संग।5।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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