क्रमाॅंक:- 362, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- समुंदर के लहर
हवा लहर के साथ में; फैला रही तरंग।
नील गगन के धार से; फैलती मन उमंग।1।
लहर समुंदर साथ में; लाती है जलधार।
लहरें नीला आसमां; देख सभी संसार।2।
लहरो़ के आवाज से; मधुर आवाज आय।
हवा रूकते शांत से; लहर बैठ फिर जाय।3।
जल में डूबी है धरा; लहरें जल के धार।
कहते गंगा मात है; लगाते सदा पार।4।
लहर किनारे में खड़ा; करने को जप-ध्यान।
माँ गंगा से माँगता; सदा प्रिय वरदान।5।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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