क्रमाॅंक:- 383, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- निर्मल जल की धार
निर्मल बहती नीर से; मन में बढ़ता शोर।
तेज हवा प्रवाह से; नीर फैलता भोर।।1।।
प्रभुवर विनती आपसे; सुखमय करो संसार।
शीतल बहता नीर है; मन से करना प्यार।।2।।
नीर बिना सांसें रुकीं; तन को मिलता पीर।
संकट आये नीर का; मन में रखना धीर।।3।।
मानव जल की रोक से; जल संकट नहीं आय।
निर्मल जल की धार से; सुखमय जीवन पाय।।4।।
शीतल जल अनमोल है; मानव रखना ध्यान।
माँ गंगा सबको दिया; सदा श्रेष्ठ वरदान।।5।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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