क्रमाॅंक:- 394, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- आँखों मैं आँसू क्यों?

क्रमाॅंक:- 394, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- आँखों मैं आँसू क्यों?

आँसू बहते आँख से; हुई सुबह से शाम।
नयन जले जब रोज तो; लेता प्रभुवर नाम।।1।।

कैसे आँसूं धार है; नैना करता पीर।
आँसूं बहता जोर से; रखता मन में धीर।।2।।

अश्रु बने जलधार तो; नम दिखता है आँख।
मानव के व्यवहार से; बना नहीं है शाख।।3।।

दर्द होता है आँख में; आँसू बहता नीर।
नैना सुंदर रूप से; जगत देखना धीर।।4।।

आँसू बहता धार में; बनके वो जलधार।
कोमल मेरे आँख से; प्रेम बहे रसधार।।5।।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

0 Response to "क्रमाॅंक:- 394, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- आँखों मैं आँसू क्यों?"

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article