क्रमाॅंक:- 423, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- दो हजार रुपये का नोट बंद

क्रमाॅंक:- 423, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- दो हजार रुपये का नोट बंद

दो  हजार  के  नोट  हूँ; होने  को  हूँ  बंद।
मिला नहीं इंसान को; नोटों का आनंद‌‌।।1।।

मानव मुझको पाय है; जब छपा दो हजार।
सभी लोग मुझको करें; लेने को इनकार।।2।।

दो  हजार  के  नोट  है; मुश्किलों  की  खान।
इसीलिए तो सब करें; सदा पाँच गुणगान।।3।।

 बंद  गुलाबी  नोट  से; लोगों  में  उल्लास।
यही गुलाबी नोट तो; बना नहिं कभी खास।।4।।

दो  हजार  के  नोट  से; लोग  थे  परेशान।
घर के बाहर है नहीं; दो का तो पहचान।।5।।

दो  हजार  के नोट का; मुशीबत  पड़ा  नाम।
मानव तो इस नोट से; घेले दु:ख तमाम।।6।।

मोदी के सरकार को; प्रिय करें आभार।
सारे मानव माँग से; बंद है दो हजार।।7।।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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