क्रमाॅंक:- 444, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- योग से जीवन निरोग
मानव करना योग तू; रोज सुबह अरु शाम।
अद्भुत इसका काम है; औषधि इनका नाम।।1।।
मन तो रहता शांत है; अरु करना व्यायाम।
इसके तो व्यवहार से; नाम बने हर शाम।।2।।
मानव सवेरे उठकर; करो खुले में योग।
सुंदर सारे योग से; मानव रहो निरोग।।3।।
मन के सुंदर सोच से; करो सदा विश्राम।
तन से आलस त्याग कर; करते रहना काम।।4।।
योगासन से साज दो; मानव सदा शरीर।
देकर शिक्षा योग का; बन लोगों का हीर।।5।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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