क्रमाॅंक:- 493, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- सबसे बड़ा राष्ट्रधर्म
मन के सुंदर भाव से, मिलता सबको प्यार।
नित्य करूँ मैं प्रार्थना, दुख हो दूर हजार।।1।।
भारत माँ के लाल ने, कभी न मानी हार।
मन में रख विश्वास से, खुशियाँ मिले अपार।।2।।
सुंदर प्रेमिल भाव से, मन में प्रेम अटूट।
नेक कर्म के राह में, मिलता सारे छूट।।3।।
जाति, धर्म, संस्कार से, बढ़े देश का मान।
राष्ट्रधर्म सबसे बड़ा, इसका कर गुणगान।।4।।
मानव रखना आज से, हरपल मन मजबूत।
राष्ट्रधर्म के राह में, मिलते वीर सपूत।।5।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
0 Response to "क्रमाॅंक:- 493, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष दोहा छंद रचना- सबसे बड़ा राष्ट्रधर्म"
एक टिप्पणी भेजें