क्रमाॅंक:- 499, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- बहन की मुस्कान
बिखरे लंबें बालों से चेहरा खिल जाता है।
बहन के मुस्कान से भाई खुश हो जाता है।।
साड़ी के श्रृंगार से तन सज जाता है।
मन के सुंदर भाव से प्रेम जग जाता है।।
तेरी मधुर वाणी से गुलाब खिल जाता है।
होंठों की लाली तो पंखुड़ी गिरा जाता है।
बहन द्वारा भाई को राखी बांधा जाता है।
भाई,बहन को रक्षा का वादा किया जाता है।
मन के प्रेमिल भाव से रिश्ता बन जाता है।
बहन रहे खुश रब से विनती किया जाता है।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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