क्रमाॅंक:- 530, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- अम्बे भवानी आवत हे

क्रमाॅंक:- 530, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- अम्बे भवानी आवत हे

जय हो जय हो दुर्गा महरानी।
    बिगड़ी  मोर  बना दे  आज।।
        सुग्घर साज दे मोर जिनगानी।
            जय हो जय हो दुर्गा महरानी।।

सुघ्घर  मीठ  भात  के  भोग।
    मइँया लगावँय भक्तन रोज।।
        सुग्घर  तोर  आसन  लगायेंव।
            बघवा ऊपर म तोला बिठायेंव।।
                मइँया के सुनव सुग्घर कहानी।
                    जय हो जय हो दुर्गा महरानी।।

मइँया करे हे सोलह सिंगार।
    मइँया करय सब्बो ल प्यार।।
        सजे हावय मइँया के दुवारी।
            मइँया के अँगना चलव संगवारी।
               आशीष दे दे अम्बे भवानी।
                   जय हो जय हो दुर्गा महरानी।।

नव दिन अउ नव राती म।
    निसदिन जलय दीया बाती म।।
        झूम के ढोलक मांदर बजावँव।
            मइँया के गीत ल मँय गावँव।।
                दुनिया हावय मइँया के दीवानी।
                   जय हो जय हो दुर्गा महरानी।।

            परमानंद निषाद'प्रिय'
       ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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