क्रमाॅंक:- 533, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- स्वच्छता की दीप जलाओ
दुनिया के लोगों को स्वच्छता सीखाना पड़ा है।
अपने मातृभूमि को गंदा क्यों करें हम,
माँ भारती के गोद को साफ रखना पड़ा है।
स्वच्छ रखना हमारे हिन्दुस्तान को,
गंदगी फैलाने वालों को बताना पड़ा है।
सफाई में हिंद को स्वर्ग कहा जाता है।
स्वच्छता अभियान हिंद में चलाना पड़ा है।
गाँंव,गली,चौराहों में सफाई को देखो,
सुंदर हिन्दुस्तान में खजाना भरा पड़ा है।
हिंदुस्तानी लोग धारा को सफाई करके देखो हो,
हिंद को चाहने वाला दीवाना भरा पड़ा है।
माँ भारती कर रहा "प्रिय" के जीवन रोशन,
सफाई का ज्योत हिंद में जलाना पड़ा है।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
0 Response to "क्रमाॅंक:- 533, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- स्वच्छता की दीप जलाओ"
एक टिप्पणी भेजें