क्रमाॅंक:- 537, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- मेरा सनम सबसे प्यारा
इस संसार से अप्सरा निकाला खोज।।
तेरी एक मुस्कान ने पागल बना दिया।
तेरी सौंदर्य ने मुझे दीवाना बना दिया।।
आज तेरी खूबसूरती से तेरी पहचान है।
तेरे गोरे गोरे गाल होंठों पर मुस्कान है।।
अपनी खूबसूरती पर हर कोई इतराता है।
जब नयनों से नैन मिला तब से शर्माता है।।
जब से मैंने देखा है सुंदर तेरी तस्वीर।
तब से बन गई हो तुम मेरे तकदीर।।
तेरी सादगी आँखों में इस तरह समाई।
जब भी आँखें बंद करूँ देती तस्वीर दिखाई।।
जब भी चलूँ राह में तस्वीर दिखता हर कदम।
इस जहां में सबसे प्यारा मेरा है सनम।।
तेरी खूबसरती को दिनभर निहारता रहा।
मेरे बेचैन दिल को सदा ही संवारता रहा।।
एक-दूसरे को तिरछी नजर से देखता रहा।
आँखों ही आँखों प्यार का इजहार करता रहा।।
मेरे दिल की रानी सबसे खूबसूरत हो,
गोरे-गोरे गाल लाली होंठों से खूबसूरत हो।।
परमानंद रखा हुआ सनम दिल पर पहरा।
सनम तेरे आँखों में दिखता है प्यार गहरा।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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