क्रमाॅंक:- 539, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- पर्यावरण
प्रदूषित प्राण वायु का ,मिलता नहीं निदान।।1।।
वन के आभूषण से, हरपल मिलता छाँव।
कभी भी जलेगा नहीं,मानवता का पाँव।।2।।
हरा-भरा भू-भाग को, करो नहीं तुम नाश।
सारे पौधे काट के,होगा जगत विनाश।।3।।
पेड़ लगा इंसान तू,नारा एक लगाय।
सारे जंगल साज के,पौधे काटे जाय।।4।।
सारे जंगल साजिए, मिलेगा प्राण तत्व।
प्रिय निषाद कहता रहा,जंगल बड़ा महत्व।।5।।
परमानंद निषाद'प्रिय'
साहित्यकार (कवि)
पं.नं.-LIPOET202300010571
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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