क्रमाॅंक:- 547, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- डोली लेके आजा प्रिय
पूनम के प्रेम को दिल में छिपाकर बैठा हूँ।।
तेरे साथ रहकर प्यार को मैंने जाना है।
मैंने तुझे दिल से अपना माना है।।
तेरे प्यार को दोस्ती के रूप में पाया है।
तेरी सादगी ने मुझे दीवाना बनाया है।।
तेरे रूप सोलह श्रृंगार से सजा है।
तुझे देख चेहरे पर मुस्कान आया है।।
तेरे प्यार में हर पल गाना गाया है।
मेरे दिल की हर बात तुझे बताया है।।
दुल्हन बनके आजा मेरे घर आँगन में,
मेरे दिल को तूने बहुत सताया है।।
बारात ले के 'प्रिय' एक बार तो आजा।
प्यार को आज तक दोस्ती में निभाया है।।
✍🏻 परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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