क्रमाॅंक:- 552, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- होंठ के मुस्कान
तेरे गोरे गोरे गाल होंठों पर मुस्कान है।।
तेरी सादगी आँखों में इस तरह समाई।
जब भी आँखें बंद करूँ देती तू दिखाई।।
कान में बाली और सुंदर गले में हार है।।
गोरे-गोरे गाल से सुंदर आया तस्वीर है।।
गोरे तन पर लाल साड़ी पहनी हो,
तुम प्रिय के सुंदर-सी दीवानी हो।।
सारा जिस्म ढका है साड़ी के लिबास में।
प्यार पूरा नहीं होता अधूरा विश्वास में।।
पूनम अपने नैन से मुझ पर किया वार।
तेरे काले बाल से मुझे हुआ है प्यार।।
तेरी सुंदरता देख 'प्रिय' मदहोश हो गया।
तेरी सादगी देखकर मैं खामोश हो गया।।
✍🏻 परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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