क्रमाॅंक:- 563, सोनाखान, जिला-बलौदा बाजार,छत्तीसगढ़ से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष छंद मुक्त रचना- झांँसी की रानी लक्ष्मीबाई
मनु नाम उसने पाई थी।
फिरंगी से लड़ने खातिर;
अश्व चढ़ सामने आई थी।1।
हिंद देश में गूॅंज रहा है उनके;
शौर्य और आदर्शों की गाथा।
भारत माॅं की बहादुर बेटी के;
मूरत पे चमक रही शौर्य गाथा।२।
तलवार उठाई सन् सत्तावन को;
वो मर्दानी झाँसी की रानी थी।
नाना साहब की प्यारी बहना थी;
स्वयं वीरता की सुनी कहानी थी।३।
युवावस्था में तलवार बाजी,घुड़सवारी,
और तीरंदाजी आदि विधाऍं सीखी।
कभी नहीं झुकी फिरंगियों के आगे,
लक्ष्मीबाई कभी हार मानना न सीखी।४।
रानी लक्ष्मीबाई थी साहसी और निडर;
फिरंगियों से झाँसी को बचाई।
भारत माता की वीरांगना बेटी;
फिरंगियों के छक्के छुड़ाई।5।
✍🏻 परमानंद निषाद'प्रिय'
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-सोनाखान,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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