कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना-रक्षाबंधन- भाई-बहन का पवित्र त्योहार
रक्षाबंधन- भाई-बहन का पवित्र त्योहार
भाई-बहन का अनमोल किस्सा है ।
भगवान का बनाया पवित्र रिश्ता है ।
न ही इसका शुरूआत है ।
न ही इसका अंत है।1।
ये रिश्ता है भाई-बहन का ।
हमेशा एक दूजे के संग हैं।
दो जिस्म एक जान है ।
हर रिश्ता इनपे कुर्बान है।2।
ये पवित्र प्यार का रिश्ता ।
भाई-बहन का रिश्ता कहलाता।
जब बहन मुस्कुराती है ।
दिल को सुकुन मिलता है।3।
बहन आँखों का तारा होती है ।
भाई, बहन का सहारा होती है ।
ये पवित्र प्यार का रिश्ता ।
भाई-बहन का रिश्ता कहलाता ।4।
बहना जब कलाई में बांधे राखी ।
उसका हर दुख मेरा हो जाता।
एक दिन भाई को छोड़ जायेगी अकेला।
यह सोच सोचकर दिल मेरा रोता है।5।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम- निठोरा,पो.- थरगाँव
तह.- कसडोल,जिला- बलौदा बाजार(छ.ग.)
ईमेल- Sachinnishad343@gmail.com
मो.- 7974389033
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