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कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की बच्चों को उपहार नही संस्कार दो पर विशेष कविता-

 बच्चों को उपहार नही संस्कार दो आराम से हमे पहुँचना है, संस्कारों की ऊंचाई पर। माता-पिता से मिले उपहार, भारत देश का यह संस्कार।1...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना-रक्षाबंधन- भाई-बहन का पवित्र त्योहार

   रक्षाबंधन- भाई-बहन का पवित्र त्योहार  भाई-बहन का अनमोल किस्सा है । भगवान का बनाया पवित्र रिश्ता है । न ही इसका शुरूआत है । न ...

कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- जयतु जयतु भारतम्

               जयतु जयतु भारतम् जयतु जयतु भारतम्, गाते चल वंदेमातरम्। विकास की ओर बढ़ते चलो, अंधकार को दूर करते चलो।1। शान से ति...