जन्माष्टमी के सुअवसर पर कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष कविता- बाल गोपाल कान्हा
बाल गोपाल कान्हा
जन्मदिन का शुभ अवसर आया,
सभी भक्तों के मन में उमंग छाया।
देवकी के गर्भ से जन्म लिए,
यशोदा के लाल आप कहलाए।
विष्णु के अवतार हो प्रभु,
कंश का विनाश करने आये।
दीन दुखियों के दुःख हर्ता,
पापियों के विनाश कर्ता।
राधा संग वृंदावन में रास रचाये,
बाँसुरी धुन मे राधा को नचाये।
यशोदा मैया को जब मिले शिकायत,
माता के नयन अश्रु से भर आये
कालिया नाग ने जब कृष्ण को पकड़ा,
फिर कालिया के सिर पर नाचने लगे।
आतंकित हुए जब कृष्ण से कालिया,
यमुना छोड़कर कालिया भाग गया।
यशोदा के नटखट नंदलाला,
परमानंद,केशव कहलाए।
कालकोठरी से माँ-बाप को छुड़ाए।
यशोदा,देवकी का पुत्र कहाए।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम- निठोरा,पो.- थरगाँव
तह.- कसडोल,जिला- बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- Sachinnishad343@gmail.com
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