बेटी दिवस के सुअवसर पर कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- बेटी एक एहसास
बेटी एक एहसास
पढ़ लिख के बेटी बनेगी नम्बर वन,
माता-पिता के जग में नाम करेगी रोशन।
बेटी के पास हर सवालों का जवाब होती
बेटी असंभव को संभव कर दिखाती।1।
बेटी से महक उठे जीवन की बगीया,
सुंदर फूल है आँगन को महकाती।
बेटी एक खूबसूरत एहसास है।
बेटी पर माँ लक्ष्मी का वास है।2।
बेटी भ्रूण हत्या अब बंद करो।
बेटी को अब स्वीकार करो।
बेटी लायेगी बड़े-बड़े खिताब।
बेटी को शिक्षा से दूर न करो।3।
बेटी चंचल और मासूम सी होती,
बेटी ससुराल को स्वर्ग बना देती।
बेटी मन की उल्लास गंगा सी पावन है,
परी बेटी "प्रिय" का पहचान है।4।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम- निठोरा,पो.- थरगाँव
तह.- कसडोल,जिला- बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- Sachinnishad343@gmail.com
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