कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- बेटी का जन्म
बेटी का जन्म
मेरा सपना आज साकार हुआ।
मेरे घर में बेटी का जन्म हुआ।
आज मेरे घर को रोशन करने,
लक्ष्मी ने बेटी रूप में अवतार लिया।1।
माँ की आस और पिता का विश्वास है बेटी।
मेरे घर में सबकी लाडली है बेटी।
पिता का अभिमान है बेटी।
संस्कारों का नाम है बेटी।2।
दो कुलों का मान है बेटी।
ससुराल का शान है बेटी।
पढ़ लिख के पाँव में खड़ा होती बेटी।
देश का उद्धार कर रही है बेटी।3।
आज बेटे पाने की लालसा में,
गर्भ में मारे जा रही है बेटी।
अब नहीं बचाओगे बेटी को,
तो हम बहु कहाँ से लायेंगे।4।
बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ,
यह अभियान चलाना है।
यह अभियान चलाकर हमें,
बेटी का भविष्य बनाना है।5।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम- निठोरा,पो.- थरगाँव
तह.- कसडोल,जिला- बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- Sachinnishad343@gmail.com
0 Response to "कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- बेटी का जन्म"
एक टिप्पणी भेजें