कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- युवाओं के प्रेरणास्रोत- स्वामी विवेकानंद
युवाओं के प्रेरणास्रोत- स्वामी विवेकानंद
पावन ज्ञान का दीप जलाया।
सोए लोगो के आत्मा को जगाया।
स्वामी जी दिव्य साधक ज्ञान के प्रतीक।
भारत के गौरव विवेकानंद।
ममता,प्रेम,दया का पाठ पढ़ाया।
असंभव को संभव कर दिखलाया।
शिकागो मे हिंदुत्व का ध्वजा फहराया
स्वामी जी ने प्रेरणा पुंज फैलाया।
विवेकानंद जी के सपनों से,
ये भारत देश है अपना।
12 जनवरी सन् 1863 कलकत्ता मे जन्में विवेकानंद।
पिता विश्वनाथ दत्त और माँ भुवनेश्वरी देवी।
माँ के गर्भ से जन्म लेकर माता-पिता को दिव्यशक्ति से किया आनंद।
युवाओं के प्रेरणा के दाता।
दिव्यशक्ति,पावन ज्ञान के ज्ञाता।
हर जगह गुंजे विवेकानंद,
ऐसा बना हिंद देश हमारा।
तीन रंगों का तिरंगा झंडा,
ये भारत की शान है।
महापुरुषों से संदेश मिला,
वो आज भी जिंदा है।
दिव्य शक्ति का पहचान,
आज हो रही है जग में।
स्वामी वेकानंद की मधुर वाणी से,
गूँज उठा शिकागो का कोना कोना।
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