कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- विश्व रक्तदान दिवस
विश्व रक्तदान दिवस
रक्तदान है महादान।
इससे बढ़ा कोई न दान।
रक्त कमी से मरने वाले को।
रक्तदान से बढ़कर कोई नहीं।
बिना किसी स्वार्थ के हम।
रक्तदान हम करते है।
खून का रिश्ता हो न हो।
फिर भी रक्तदान हम करते है।
संसार से जुड़ा रिश्ते अनेक।
जिनसे हम अनजान नहीं।
आज संसार में रिश्ते का।
कोई भी सम्मान करता नहीं।
इस संसार से जुड़ेगा रिश्ता।
पहले हम रक्तदान तो करें।
हर गरीब,दुखी का दर्द पहचाने।
वही है संसार का सच्चा इंसान।
रक्तदान हम करते रहे।
शरीर को कुछ न होगा।
जब तक शरीर में जान है।
करते रहेंगे हम रक्तदान।
करो न दान धन-दौलत का।
जरूर करें हम रक्तदान।
एक बूंद हमारे रक्तदान से,
किसी का जीवन बच सकता है।
कर्म करने पर हमें जरूर,
फल जरूर हमें मिलता है।
दूसरों के जान बचाकर,
हमें सुखद अनुभूति होता है।
मरते व्यक्ति को बचाकर।
हम एक जीवन दान करें।
आओ मिलकर रक्तदान दिवस पर।
आओ हम सब रक्तदान करें।
हर इंसान को जागरूक करने।
रक्तदान का अभियान चलाये।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम- निठोरा,पो.- थरगाँव
तह.- कसडोल,जिला- बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
ईमेल- Sachinnishad343@gmail.com
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