क्रमाॅंक:- 108, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- प्यार का एहसास

क्रमाॅंक:- 108, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- प्यार का एहसास

                प्यार का एहसास

जब ऑंखों से ऑंखें मिली,
तो प्यार जगाना जरूरी है।
करना है  किसी  से  प्यार,
तो मिलना भी जरूरी है।1।

आज  के  इस  दुनिया  में,
सभी को जानना जरूरी है।
यहाॅं व्यवहार जैसा भी हो,
खानदान जानना जरूरी है।2।

किसी से प्यार करने के पहले,
इजहार  करना  जरूरी  है।
न  कर  पाये  इजहार  तो,
गम के ऑंसूं पीना जरूरी है।3।

न  ही  मिले  प्यार  तो, 
सत्य स्वीकार ना जरूरी है। 
"प्रिय"  के  खुशी  में  ही,
खुश  रहना  जरूरी  है।4।

    परमानंद निषाद"प्रिय"
साहित्य साधना सभा,छत्तीसगढ़
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
       8435298085
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

0 Response to "क्रमाॅंक:- 108, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- प्यार का एहसास"

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article