क्रमाॅंक:- 135, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- रिश्ता बनाए रखने के लिए विश्वास जरूरी है
रिश्ता बनाए रखने के लिए विश्वास जरूरी है
रिश्तों से चहक उठता है जीवन,
फूल जैसा महकाती है जीवन।
जब रिश्तों में विश्वास हो तो।
महक उठता है जीवन।१।
ना करो रिश्तों को तार-तार,
रिश्तों को प्यार से करो स्वीकार।
रिश्तों में न आए कोई दरार।
रिश्तों में बनाए रखो प्यार।२।
रिश्तों पर बनाए रखो आस,
रिश्तों पर बढ़ेगा जिससे विश्वास।
रिश्ता जीवन का वो डोरी है।
जिसे बंधा रहता है सदा विश्वास।३।
परमानंद निषाद"प्रिय"
साहित्य साधना सभा,छत्तीसगढ़
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
8435298085
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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