क्रमाॅंक:- 144, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- हसदेव बचाओ
हसदेव बचाओ
हसदेव के जंगल को काट दिया,
प्रकृति का उग्र रूप दिखाई दिया।
सूर्य ने अपना तपन बढ़ाया,
पौधे काटने का एहसास दिलाया।१।
लाखों पेड़-पौधे काटे गये,
प्रकृति सारा दर्द सह गये।
छाॅंव का कोई निशान नहीं,
हसदेव अरण्य काट दिए गये।२।
प्रकृति हमारा आर्कषण है।
प्रकृति हमारा आभूषण है।
प्रकृति से न करो खिलवाड़,
जीने का सहारा पर्यावरण है।३।
जीव-जंतु,पशु-पक्षी का हो रहा है नाश,
पेड़-पौधे काटेंगे तो जल्द होगा विनाश।
हवा, जल, धूप, छाॅंव अतुल्य है,
हर इंसान सोचे होते सबसे पहले काश।४।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
8435298085
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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