क्रमाॅंक:- 157, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- नारी शक्ति:- बेटियाॅं

क्रमाॅंक:- 157, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- नारी शक्ति:- बेटियाॅं

                नारी शक्ति:- बेटियाॅं
जब एक बेटी  माॅं  बन  जाती है।
माॅं जैसी समझदार हो जाती है।
अपने  माॅं की परछाई  बनकर,
हमारी खुशियाॅं बन जाती है।१।

बेटी  सदा  याद  बन  जाती  है।
दिल पर हमारे छाप छोड़ जाती है।
परीयों  की  कहानी  न  सुना  हो,
पर,बेटी परी का रूप बन जाती है।२।

बेटी  मिला  रब  के आशिर्वाद से,
रब का आशिर्वाद कभी बोझ नहीं होती।
सबको  अपनी  बेटी  होती  है  प्यारी,
बहू भी बेटी है वह बोझ नहीं होती।३।

लगा लो ऑंगन में फूलों का बगीचा,
फिर  भी  खूशबू  नहीं  आयेगी।
जिसके   घर   में   हैं   बेटियाॅं,
खूशबू  वहीं  से  ही  आयेगी।४।

जिस पिता के भाग्य में बेटी नहीं होती,
दुनिया में वह पिता भाग्यशाली नहीं होता।
जिस  घर  में  बेटी  का  वास  होता  है,
वह घर खुशियों से खाली नहीं होता।५।

जन्नत का हर लम्हा दीदार किया था,
हाथ उठा के रब से फरियाद किया था।
जब   गोद   में   उठाकर   माॅं  ने,
मुझे रब से माॅंगकर प्यार किया था।६।

    परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
       8435298085
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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