क्रमाॅंक:- 164, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- मेरा प्यार बेवफा निकला
मेरा प्यार बेवफा निकला
मेरी जिंदगी में आकर की बेवफाई,
मेरे जीवन में कर गई रुसवाई।।
खुद से भी ज्यादा तुम पे किया विश्वास।
चढ़ा था प्यार का परवान और तोड़ा तूने आस।।
साथ छोड़ देगी इस तरह मालूम न था।
प्यार के रंग में रॅंगा के धोखा देगी मालूम न था।।
मेरी जिंदगी को तेरे प्यार की जरूरत थी बताऊॅं कैसे।
तेरे बिना मेरा जीना हुआ मुश्किल सुनाऊॅं कैसे।।
मेरे दिल की तड़प को देख सारे दोस्त आ गये।
मेरी ऑंखों से बह रहे ऑंसू पोंछने आ गये।।
मेरा रोना देख के जब दोस्त पूछने लगे क्या हुआ?
बात बताने से दिल हल्का होगा बता क्या हुआ?
जोर दिया बता रहा हूॅं मेरा प्यार बेवफा निकला।
गया था सवाल पूछने शादी करके वो निकली।।
परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
8435298085
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com
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