क्रमाॅंक:- 165, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- अपनों की नजदीकियों का एहसास

क्रमाॅंक:- 165, कसडोल, जिला-बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़) से कवि परमानंद निषाद"प्रिय" की विशेष रचना- अपनों की नजदीकियों का एहसास

      अपनों की नजदीकियों का एहसास
दिल में जगे विश्वास को बूझने नहीं देंगे।
प्यार पर किये विश्वास को टूटने नहीं देंगे।।

बढ़ी हुई नजदीकियाॅं कम होने नहीं देंगे।
जगे हुए एहसास को बूझने नहीं देंगे।।

चाहे हमारा अपना हो या तुम्हारे हो दुश्मन।
दोनों रिश्ता अनमोल है इसे टूटने नहीं देंगे।।

प्यार का पवित्र रिश्ता है पूजनीय।
प्यार में किसी को बेवफा होने नहीं देंगे।।

राधा और मीरा जैसे प्यार करोगी तुम।
प्यार के खातिर किसी को लड़ने नहीं देंगे।।

छोटी सी दुनिया में बढ़ रहा गमों का बोझ।
हर गमों के बोझ को भारी पड़ने नहीं देंगे।।

रिश्ता अनमोल है रखें इसे संभाल के।
जगे प्यार के ज्योत को बूझने नहीं देंगे।।

    परमानंद निषाद"प्रिय"
ग्राम - निठोरा,पोस्ट - थरगाॅंव,
तह.-कसडोल,जिला-बलौदा बाजार(छ.ग.)
मो.- 7974389033
       8435298085
ईमेल- sachinnishad343@gmail.com

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